आयुर्वेद में भोजन के तीन प्रकार हैं | Types of food in hindi

आयुर्वेद के अनुसार भोजन के तीन प्रकार – Types of food in Hindi

जब भी हम हेल्थ की बात करते हैं और आपके शरीर में कोई भी बीमारी नहीं हैं तो इसका मतलब ये बिलकुल नहीं कि आप Healthy हो

हेअलथी रहने का मतलब हैं जब आप सुबह उठते हो तो आप कैसा फील करते हैं अगर आप सुबह उठकर एकदम बकवाश Irritable फील करते हैं तो मुझे नहीं लगता कि आप स्वस्थ हैं

वाही अगर आप सुबह उठकर बिलकुल फ्रेस फील करते हैं और आपके शरीर में एक अलग ही एनर्जी हो

तो शायद आप एक दम हेअलथी हैं

और सुबह उठकर आप कैसा फील करोगे ये depend करता हैं आपने कल पुरे दिन क्या खाया था और रात को क्या खाकर सोये थे

क्योंकि आयुर्वेद के अनुसार भोजन तीन प्रकार का होता है और आपकी हेल्थ आपके भोजन पर डिपेंड करती है

 

भोजन तीन प्रकार का होता हैं – Three types of food according to ayurveda

  1. Positive Pranic Food   
  2. Negative Pranic Food 
  3. Zero Pranic Food

 

पॉजिटिव प्राणिक फ़ूड वे फूड्स होते हैं जो आपको एनर्जी देते हैं यानि ऐसे फ़ूड जिन्हें खाने के बाद आप अपनी बॉडी में एक्स्ट्रा एनर्जी फील करते हो

नेगेटिव प्राणिक फ़ूड ऐसे फूड्स होते हैं जो एनर्जी देने कि वजय उल्टा बॉडी से एनर्जी ले लेते हैं यानि ऐसे फ़ूड जिन्हें खाने के बाद आपकी बॉडी कि बेटरी डाउन हो जाती हैं हलाकि नेगेटिव फ़ूड भी आपको एनर्जी देते है लेकिन पहले आपकी एनर्जी लेते हैं और फिर बाद में देते हैं

और जीरो प्राणिक फ़ूड ऐसे फूड्स होते हैं जो न तो आपको एनर्जी देते हैं और न ही लेते हैं यानि शून्य

तो आइये जानते हैं पॉजिटिव फ़ूड कौन से हैं नेगेटिव फ़ूड कौन से हैं और जीरो फूड्स कौन से हैं और सबसे महत्वपूर्ण कि सबसे शक्तिशाली पॉजिटिव फ़ूड कौन सा हैं

 

1. सकारात्मक प्राणिक भोजन – Positive Pranic Food

पॉजिटिव फ़ूड वे फूड्स होते हैं जिनमे लाइफ होती हैं मतलब कि जो फूड्स जिन्दा हैं जिनमे अभी जीवन हैं जैसे कि फल कच्ची सब्जियां अंकुरित मुंग या कोई भी अंकुरित बीज ये सभी फूड्स पॉजिटिव फूड्स हैं

जब आप इन्हें खाते हैं तो आपकी बॉडी आसानी से इन्हें Digest कर लेते हैं क्योंकि इनमे Already Digestive enzymes (पाचक रस) मौजूद होते हैं

जब भी आप कोई खाना खाते हैं तो उसे digest करने के लिए बॉडी को digestive enzymes यानि पाचक रस  की जरुरत पड़ती हैं  जोकि 50 % तो आपकी बॉडी में Already available होते हैं और 50 फूड्स में होते हैं

ये फूड्स आसानी से पच जाते हैं बॉडी को ज्यादा महनेत नहीं करनी पड़ती और आपको अच्छी एनर्जी देते हैं इसलिए इन्हें पॉजिटिव फूड्स कहते हैं

 

2. नकारात्मक प्राणिक भोजन – Negative Pranic Food 

अब बात करते हैं नेगेटिव फूड्स की  ये ऐसे फूड्स होते हैं जिनमे लाइफ नहीं होती शायद पहले ये फूड्स जिन्दा थे लेकिन आपने इन्हें मार दिया हैं और तब खा रहे हैं मतलब ऐसे फूड्स जिन्हें आप पकाकर खाते हैं और स्वाद बढ़ने के लिए उनमे कुछ भी उलट सीधा डाल लेते हैं जैसे कि खासकर फ़ास्ट फूड्स या जंक फ़ूड

जब आप फ़ास्ट फ़ूड या जंक फ़ूड खाते हैं या फिर कोई पका हुआ खाना खाते हैं तो आपने अक्सर देखा होगा कि इन्हें खाने के बाद आपकी बॉडी में आलस आ जाता हैं

ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि फ़ास्ट फूड्स में अधिक मैदा होता हैं और जब किसी फ़ूड को पकाते हैं तो उसमे मौजोद Digestive enzymes नष्ट हो जाते हैं और जब आपकी बॉडी इस खाने को digest करती हैं तो complete digestive enzymes न होने कि वजह से बॉडी को ज्यादा महनेत करनी पड़ती हैं

क्योंकि बॉडी के पास सिर्फ 50 % Digestive enzymes होते हैं और 50 % फ़ूड में होते हैं जिन्हें आपने पकाते समय मार दिया हैं तो बॉडी को खाने को पचाने के लिए ज्यादा महनेत करनी पड़ेगी

इसलिए नेगेटिव फूड्स को Digest करने के लिए बॉडी पहले एनर्जी लेती हैं और भोजन पचने के बाद आपको एनर्जी मिलती हैं

यदि आप लम्बे समय तक फ़ास्ट फ़ूड या जंक फ़ूड खाते हैं तो आपका Digestive system ख़राब हो जाता हैं

 

3. शून्य प्राणिक भोजन – Zero Pranic Food

और अब आते हैं जीरो फूड्स पर

ये ऐसे फूड्स होते हैं जो न तो एनर्जी देते हैं और न ही एनर्जी लेते हैं और इसीलिए इन्हें जीरो फूड्स कहा जाता हैं for example – Water

तो ये है आयुर्वेद के अनुसार तीन प्रकार के भोजन

 

सबसे ताकतवर भोजन कौन सा है – Most powerful food in india

तो अब बात करते हैं कि आखिर सबसे शक्तिशाली फ़ूड कौन सा हैं तो जितने भी पॉजिटिव फूड्स हैं वो सभी शक्तिशाली हैं क्योंकि ये आसानी से पच जाते हैं और आपको तुरंत एनर्जी देते हैं

 

भोजन क्या हैं – What is food in Hindi

फ़ूड हमारी बॉडी में फ्यूल का काम करता हैं अगर आप अपनी बॉडी में सही फ्यूल डालोगे तो यह बिलकुल परफेक्ट तरीके से काम करेगा और यदि आप उल्टा सीधा कुछ भी खाओगे तो आपकी बॉडी काम तो करेगी लेकिन परफेक्ट तरीके से नहीं करेगी बस किसी तरह अपना काम चलाएगी

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आप अपनी बॉडी को पॉजिटिव फ़ूड देना स्टार्ट करके तो देखो  और बस दो चार दिन में आपको फर्क देखाई दे जायेगा आप पहले से ज्यादा एक्टिव और लाइट फील करोगे  आपके बॉडी और दिमाग में एक अलग ही एनर्जी फ्लो करने लगेगी

आप अपनी बॉडी में सही फ्यूल डालो आपकी बॉडी की 90% प्रोब्लेम्स खुद पे खुद ठीक हो जाएगी

और ऐसा मैं नहीं आयुर्वेद कहता हैं

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