होम्योपैथी VS एलोपैथी VS आयुर्वेद – कौन है बेहतर ?

Page Contents

एलोपैथी होम्योपैथी और आयुर्वेद में क्या अंतर हैं – Homeopathy vs allopathy vs ayurveda in Hindi

दोस्तों पूरी दुनिया में इलाज करने के कई सारे तरीके हैं लेकिन वहीँ भारत में इलाज करने के ३ तरीके सबसे ज्यादा पोपुलर हैं। पहला एलोपैथिक, दूसरा हैं होम्योपैथिक, और तीसरा हैं हमारा आयुर्वेदिक ये तीनो तरीके भारत में इलाज के लिए सबसे ज्यादा अपनाये जाते हैं और शायद आप भी ट्रीटमेंट के लिए इनमे से ही किसी एक मेथड को अपनाते होंगे।

ज्यादातर लोग ट्रीटमेंट के लिए एलोपैथिक को अच्छा मानते हैं। लेकिन वहीँ कुछ लोग होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक बेहतर समझते हैं लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इन तीनो में से इलाज के लिए कौन सा तरीका बेस्ट हैं।

आज हम यही जानेगे कि आखिर किस ट्रीटमेंट को चुनने, किस ट्रीटमेंट के रिजल्ट बेस्ट हैं और इनमे क्या अंतर हैं तो आइए कम्पेयर करते हैं तीनो को और जानें कि इलाज का सबसे अच्छा तरीका कौन सा है। Homeopathy vs allopathy vs ayurveda in Hindi

 

एलोपैथिक क्या है – Allopathic kya hai in Hindi

दोस्तों बात करें अगर एलोपैथिक की तो ये साइंस बेस्ड मोर्डेन मेडिसिन हैं इन दवाओ को काफी सारे एक्सपेरिमेंट करने के बाद तैयार किया जाता हैं और यह अपने काम में एकदम परफेक्ट होती हैं दूसरा इनसे आपको तुरंत आराम मिलता हैं। क्योंकि यह दवाइयां बाकी दवाइयों के मुकाबले बहुत ही तेजी से काम करती हैं।

और इसीलिए लोग इन दवाओं को लेना ज्यादा बेहतर समझते हैं इन दवाओं को ड्रग थेरेपी नाम से भी जाना जाता हैं और एलोपैथी के पास कैंसर जैसी खतरनाक बीमारीयों के इलाज भी मौजूद हैं। एलोपैथी दवाओं को वेस्टर्न मेडिसिन, बायोमेडिसिन, एविडेंस बेस्ड मेडिसिन और मॉडर्न मेडिसिन के नाम से भी जाना जाता हैं।

 

होम्योपैथी क्या है – Homeopathy kya hai in Hindi

बात करें अगर होम्योपैथी की तो homeopathy pseudoscientific Based Alternative Medicine System हैं होम्योपैथी की दवाइयां काफी नार्मल होती हैं और बिलकुल सेफ होती हैं यानि इन दवाइयों का कोई भी साइड इफ़ेक्ट होता हैं। लेकिन हाँ यह एक लोंग टर्म ट्रीटमेंट हैं जोकि किसी भी बीमारी को ठीक करने में काफी ज्यादा समय लगता हैं। 

होम्योपैथी का इलाज काफी अलग होता हैं इसमें सबसे पहले व्यक्ति की पर्सनालिटी को सही ढंग से समझा जाता है और उसके बाद ट्रीटमेंट शुरू करते हैं। लेकिन होम्योपैथी से किया गया इलाज लॉन्ग लास्टिक और परमानेंट हो सकता है।

 

आयुर्वेद क्या है – Ayurveda kya hai in Hindi

वही आयुर्वेदिक एक अल्टरनेटिव मेडिसिन सिस्टम है जिसकी जड़ें यानी रूट्स इंडियन सबकॉन्टिनेंट से जुड़ी है आयुर्वेद को भारत और नेपाल में सबसे ज्यादा प्रैक्टिस किया जाता है और यहां के 80% लोगों ने आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन कर चुके है।

आयुर्वेद का मतलब होता हैं जीवन का ज्ञान यानि knowledge of life इसे oldest science treatment कहा जाता हैं और इसका भी कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं देखा गया हैं।

 

एलोपैथी का इतिहास – Allopathy history in Hindi

बात करें अगर इन दवाइयों की हिस्ट्री की तो एलोपैथी को 1810 में सैमुअल हैनिमन के द्वारा निकला गया था लेकिन इसका वास्तव में उपयोग 19वीं सेंचुरी में किया गया था। लेकिन कुछ होम्योपैथी डॉक्टर्स को एलोपैथिक दवाइयां बिल्कुल भी पसंद नहीं आई और वे इन दवाइयों को नुकसानदायक और हानिकारक ट्रीटमेंट के नाम से बुलाने लगे। क्योंकि जिस तरह से एलोपैथी ट्रीटमेंट तुरंत आराम देता हैं। तो वहीँ इसके काफी साइड इफ़ेक्ट भी देखे जा सकते हैं।

लेकिन लोगो ने एलोपैथी के quick relief को देखते हुए इसके कुछ मामूली साइड इफ़ेक्ट को देखना बंद कर दिया और 1920 यह इंडिया में पूरी तरह से फ़ैल चूका था क्योंकि ब्रिटिश कंपनियां लोग सिर्फ एलोपैथिक दवाइयां ही दे रही थी।

 

होम्योपैथी का इतिहास -Homeopathy history in Hindi

वही होम्योपैथी की शुरुआत सन 1796 में जर्मन फिजिशियन सैमुअल हैनिमन ने की थी होम्योपैथी का मानना है कि डिसीज सिम्टम्स ही डिसीज सिम्टम्स को खत्म करता है। सैमुअल ने 18 सेंचुरी की मेडिसिन रिजेक्ट कर दी क्योंकि ये लेस इफेक्टिव और यहाँ तक की ये हानिकारक भी थी इन्होने सिंगल ड्रग्स की कम दोसेस से इलाज का तरीका बताया और living organism के functions को अच्छी तरह से समझाया।

19 सेंचुरी में यूएसए में होम्योपैथी स्टार्ट की गयी और इसे काफी जल्दी लोग जान गए थे 1835 में पहली बार होम्योपैथी कॉलेज US में खोला गया था और साल 1900 तक 22 से भी ज्यादा होम्योपैथी कॉलेज बन चुके थे और 15000 से ज्यादा होम्योपैथी डॉक्टर्स हो गए थे होम्योपैथी किस स्पीड से फ़ैल रहा था इसका अंदाजा आप लगा ही  सकते हैं।

 

आयुर्वेद का इतिहास – Ayurveda history in Hindi

वहीं बात अगर आयुर्वेद की करें तो यह सिर्फ इंडिया का ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का सबसे प्राचीन चिकित्सा प्रणाली हैं। बताया जाता हैं कि आयुर्वेद की शुरुआत साल 6000 BCE में हुई थी। आयुर्वेद का इतिहास बेहद लम्बा और पुराना हैं भारत में इसका उपयोग लगभग 5000 सालो से होता आ रहा हैं।

लेकिन जब भारत में ब्रिटिश कंपनीया आने लगी तो इन्होने आयुर्वेद को ख़तम करने की पूरी कोशिस की क्योंकि ये कंपनीया अंग्रेज़ी दवाइयों का परचार कर रही थी। लेकिन आजादी मिलने के बाद फिर से आयुर्वेद और ट्रेडिशनल मेडिसिन सिस्टम पर फोकस किया गया और फिर से आयुर्वेद भारत में खूब स्टडी किया जाने लगा और देखे ही देखते यह फिर से पुरे भारत में फैल गया।

 

एलोपैथी में जांच का तरीका – Testing method in allopathy in Hindi

बात करें अगर diagnosis की तो एलोपैथी में ट्रीटमेंट करने से पहले डॉक्टर्स आपकी बीमारी के बारे में विस्तार से जानते हैं और फिर उसके बाद कुछ टेस्ट जैसे Medical History, Blood Test, CT OR MRI Scan या दुसरे diagnosis test के आधार पर डॉक्टर्स मेडिसिन देते हैं।

एलोपैथिक डॉक्टर बीमारी के लिए बिल्कुल परफेक्ट दवाइयां देते हैं और यह जल्दी  इलाज करने का एक सबसे बेस्ट तरीका है क्योंकि इसमें डॉक्टर 100% sure होते हैं और डिसीज में किसी भी तह की कोई कन्फ्यूजन नहीं रही हैं। जिससे मेडिसिन प्रॉपर उसी बीमारी के लिए दी जाती हैं जो आपको होती हैं।

 

होम्योपैथी में जांच का तरीका – Testing method in homoeopathy in Hindi

वही होम्योपैथी में डॉक्टर से आपकी कंसल्ट 10 मिनट से लेकर 1 घंटे तक हो सकती है इसमें डॉक्टर्स डिसीज से रिलेटेड कई सारे सवाल करते हैं और डिसीज के सिम्टम्स पर फोकस करते हैं और आपकी पुराणी मेडिकल हिस्ट्री भी जानते हैं और तब कही जाकर होम्योपैथी डॉक्टर आपकी डिसीज से मिलती हुई दवाइयां देते हैं।

 

आयुर्वेद में जांच का तरीका – Testing method in Ayurveda in Hindi

वही आयुर्वेद में Disease Diagnosis करने ले कुछ खास तरीके हैं जैसे Pulse Diagnose यानि नाड़ी परीक्षण इसमें डॉक्टर्स आपकी नसों को पकड़कर डिसीज जानने की कोशिस करते हैं इसमें Eye, Nose, Tounge, Hair And Skin Inspection किया जाता हैं। आयुर्वेद में भी मरीज की मेडिकल हिस्ट्री ली जाती हैं और डिसीज से रिलेटेड कुछ सवाल जवाब किये जाते हैं और तब कहीं जाकर आयुर्वेदिक डॉक्टर आपको दवाइयां देते हैं।

 

एलोपैथिक उपचार – Allopathic treatment in Hindi

बात करें अगर ट्रीटमेंट की तो एलोपैथी के ट्रीटमेंट में पेसेंट को इंजेक्शन, ड्रग मेडिसिन, रेडिसन्स या सर्जरी दी जा सकती है ट्रीटमेंट का तरीका पुरे तरह डिसीज पर डिपेंड होता हैं। इसे Biomedicine, conventional medicine, mainstream medicine, orthodox medicine, Western medicine भी कहा जाता हैं।

एलोपैथिक ट्रीटमेंट को इसीलिए ज्यादा प्रेफर किया जाता है क्योंकि इसमें आपका काफी वक्त बच जाता है यानी इसमें काफी जल्दी ट्रीटमेंट मिल जाता है।

 

होम्योपैथी उपचार – Homeopathic treatment in Hindi

वही होम्योपैथी का मानना है कि बॉडी खुद हील हो सकती है और इसीलिए एलोपैथिक मेडिसिन बॉडी को हीलिंग पावर प्रोवाइड करती हैं होम्योपैथी के इलाज में एलोपैथिक इलाज के मुकाबले काफी ज्यादा समय लगता है। लेकिन आयुर्वेदिक से कम होम्योपैथिक में ट्रीटमेंट ना होने की वजह गलत डिजीज डायग्नोसिस हो सकता है।

 

आयुर्वेदिक उपचार – Ayurvedic treatment in Hindi

और वही आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट में योगा, नेचुरल हेर्ब्स एंड मेडिसिन, नेचुरल डाइट और मसाज थेरेपी भी शामिल होती है। आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट बाकी ट्रीटमेंट से काफी ज्यादा लंबा होता है।

 

एलोपैथिक दवा पदार्थ – Allopathic medicine substances in Hindi

बात करें अगर Substances की यानि दवाइयों को बनाने के लिए कौन-कौन से Substances इस्तेमाल किये जाते हैं तो एलोपैथी दवाइयों को बनाने के लिए कई तरह के केमिकल का इस्तेमाल किया जाता हैं। इनमे Various Plants, Synthetic Materials, Minerals substances, Alcohol, Distilled Water और कुछ रेयर केसेस में Toxic Minerals का भी इस्तेमाल किया जाता हैं।

 

होम्योपैथिक दवा पदार्थ – Homeopathic medicine substances in Hindi

वही होम्योपैथी में नेचुरल सबटेंसेस एंड मिनरल्स का इस्तेमाल किया जाता है। होम्योपैथिक मेडिसिन में ज्यादातर एल्कोहल मौजूद होता है और यह दवाइयां अधिकतर लिक्विड फॉर्म में होती हैं।

 

आयुर्वेदिक औषधि पदार्थ – Ayurvedic medicine substances in Hindi

वही आयुर्वेदिक दवाइयां सिर्फ नेचर से बनाई जाती है इन्हें बनाने के लिए नेचुरल जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें अलग-अलग तरह के प्लांट्स फ्रूट और रूट शामिल होती हैं। जैसे अश्वगंधा बोसवेलिया और त्रिफला  इन्हीं सभी प्राकृतिक जड़ी बूटियों से आयुर्वेदिक दवाइयां तैयार की जाती हैं।

 

इसे पढ़ें – आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या

इसे पढ़ेंहाइड्रोसील के प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज

 

डॉक्टर – Doctor in Hindi

बात करें अगर डॉक्टर्स की तो इंडिया में एलोपैथी के 12 लाख से भी ज्यादा डॉक्टर्स मौजूद हैं। वही होम्योपैथी के करीब 2 लाख डॉक्टर्स मौजूद हैं और आयुर्वेद के लगभग 7 लाख डॉक्टर इंडिया में मौकूद हैं।

WHO (World Health Organization) विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो 848 लोगो के लिए भारत में 1 डॉक्टर मौजूद हैं तो दोस्तों हर मेथड की अपनी एक टेक्निक है जहां एलोपैथी सीधा डिजीज पर काम करता है, तो वही होम्योपैथी बॉडी की हीलिंग पावर बढ़ाता है और आयुर्वेदा नेचुरल और सेफेस्ट तरीके से ट्रीटमेंट करता है।

 

निष्कर्ष – The Conclusion

एलोपैथी होम्योपैथी और आयुर्वेद में क्या अंतर है (Homeopathy vs allopathy vs ayurveda in Hindi) इस पोस्ट को पढने के बाद आपको सही से समझ आ गया होंगा। एलोपैथी होम्योपैथी और आयुर्वेद तीनो ही अच्छे हैं और तीनो के ही अपने कुछ नुकसान भी हैं।

लेकिन यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता हैं कि आपके लिए कौन सा बेस्ट हैं। कुछ बिमारियों के इलाज में एलोपैथी अच्छा हैं और कुछ बीमारीयों के इलाज में होम्योपैथी अच्छा हैं वहीँ कुछ बीमारीयों के इलाज में आयुर्वेद बेहतर साबित हो सकता हैं। (Homeopathy vs allopathy vs ayurveda in Hindi)

Share

1 thought on “होम्योपैथी VS एलोपैथी VS आयुर्वेद – कौन है बेहतर ?”

Leave a Comment