12 Best Ayurvedic Medicine For Weight Gain In Hindi

Page Contents

वजन बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवा – Ayurvedic Medicine For Weight Gain In Hindi

वजन बढ़ाना कुछ लोगो के लिए एक आसान काम की तरह हो सकता है। लेकिन बहुत से लोग खूब ज्यादा खाने के बावजूद भी अपना वजन बढ़ने में न कामियाब रहते हैं। जबकि बाजार में वजन बढ़ने के लिए काफी सारे सप्लीमेंटस मौजूद हैं।

लेकिन मार्किट में मिलने वाले ज्यादातर सप्लीमेंटस के काफी खतरनाक साइड इफेक्ट्स होते हैं। इसलिए डॉक्टर हमेशा वजन बढ़ाने के लिए बेहतरीन आयुर्वेदिक दवाओं की सलाह देते हैं, वो इसलिए क्योंकि आयुर्वेदिक दवाओं के साइड इफेक्ट्स बहुत कम होते हैं।

आइए यह जानने के लिए लेख देखें कि कैसे प्राचीन आयुर्वेद जड़ी-बूटियां बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के आपका वजन बढ़ने में आपकी मदद कर सकती है।

वैसे तो वजन कम करने के लिए हम अक्सर कई तरह की दवाओं का सहारा लेते हैं। लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं। वजन बढ़ाना उतना ही मुश्किल है जितना कि इसे कम करना।

 

वजन बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा – Ayurvedic Medicine for Weight Gain in Hindi

इसलिए आज हम उन आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में बात करने जा रहे हैं जो वजन बढ़ाने में बेहद फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

आयुर्वेदिक दवाइयां हल्की होती हैं, और इसलिए, उनके दुष्प्रभाव नहीं होते हैं। क्योंकि वे प्रकृति में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके बनती हैं। इनमें कोई हानिकारक केमिकल नहीं होता हैं।

वजन बढ़ाने के लिए यहां कुछ आयुर्वेदिक सप्लीमेंट दिए गए हैं। ये सभी एक स्वस्थ वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।

 

डाबर अश्वगंधाडी लेह्या – Dabur Ashwagandhadi Lehya Vajan Badhane ki Ayurvedic Dawa 

वजन बढ़ाने के लिए यह सबसे अच्छा आयुर्वेदिक टॉनिक है, जिसका सेवन गर्म पानी या दूध के साथ किया जा सकता है और इससे वजन बढ़ता है। यह कुछ सिद्ध आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बना है, जो मांसपेशियों की ताकत और यौन शक्ति को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। एक महीने में वजन बढ़ाने के लिए डाबर अश्वगंधा लेह्या एक प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है।

खुराक – इसकी 1-2 चम्मच गर्म पानी या दूध के साथ मिलाएं। तुरंत सेवन करें और रोजाना दो बार इसका इस्तेमाल करें।

 

अन्ना स्क्वामोसा बीज पाउडर – Annona Squamosa Seed Powder vajan badhane ki dawa

अन्ना स्क्वामोसा का वैज्ञानिक नाम कस्टर्ड सेब हैं, यह शरीर का वजन बढ़ने में मदद करता हैं यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है। और वजन बढ़ाने में मदद करता है। इस प्राकृतिक वजन बढ़ाने वाले फल का सेवन एक महीने तक किया जा सकता है और यह प्राकृतिक तरीके से वजन बढ़ाने के लिए एक प्राकृतिक फल है।

मात्रा – इसके सूखे बीजों का चूर्ण बनाकर पानी में मिलाकर सेवन किया जा सकता है। रोजाना एक पूरा फल लें।

 

पतंजलि अश्वगंधा चूर्ण – Patanjali Ashwagandha Churna vajan badhane ki dawa

यह वजन बढ़ाने के लिए पतंजलि की दवाओं में से एक है, जो अपने चमत्कारी लाभों के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यह शरीर का वजन बढ़ने में काफी मदद कर सकता है। अश्वगंधा को भारतीय जिनसेंग के रूप में भी जाना जाता है।

चार सप्ताह के तक इसका सेवन करें आपको काफी अच्छे रिजल्ट देखने को मिलेगें। लेकन इसके साथ आपको उच्च कैलोरी वाला भोजन करना चाहिए। इसे आप किसी भी आयुर्वेद स्टोर से खरीद सकते है।

खुराक – 3 ग्राम, भोजन से पहले या बाद में या अपने आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशानुसार दिन में एक या दो बार 2-3 महीने तक लें।

 

शतावरी चूर्ण पतंजलि – Patanjali Shatavari Churna vajan badhane ki dawa

शतावरी को जड़ी बूटियों की रानी कहा जाता हैं। शतावरी हार्मोन को बैलेंस करने और महिलाओं में शरीर के वजन को बढ़ाने के लिए बेहद फायदेमंद है।

यह शक्तिशाली जड़ी बूटी पाचन को बढ़ावा देने, इम्युनिटी को मजबूत करने, एनोरेक्सिया नर्वोसा का इलाज करने, कामेच्छा बढ़ाने, स्तनपान को बढ़ावा देने और तनाव और चिंता को रोकने में मदद करती है।

पित्त को सामान्य करके, यह शतावरी फॉर्मूलेशन इष्टतम शरीर के तरल पदार्थ सुनिश्चित करता है, और इस तरह वजन बढ़ाने में मदद करता है।

खुराक – 1 कैप्सूल दिन में दो बार भोजन के बाद या आयुर्वेदिक चिकित्सक के सुझाव के अनुसार। और पाउडर ½ छोटा चम्मच शहद और दूध के साथ या डॉक्टर के बताए अनुसार।

 

यष्टिमधु (मुलेठी) – Yashtimadhu Churna Vajan Badhane ki Ayurvedic Dawa

यष्टिमधु, जिसे मुलेठी के नाम से भी जाना जाता है, मुलेठी की जड़ वजन बढ़ाने के लिए सबसे अच्छे आयुर्वेदिक उपचारों में से एक है। प्राचीन काल से, इस पौधे की जड़ का उपयोग अनेक बिमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता रहा है। इम्युनिटी कम होने के कारण वजन घटाने लगता हैं जब आप इसे ठीक कर लेंगे तो आप खुद पे खुद बढ़ने लग जायेगा।

यह आपकी सहनशक्ति में भी सुधार करता है, और आपके पेट की परत की मरम्मत करता है, इसमें मौजूद पोषक तत्व आपके पाचन तंत्र को मजबूत करते है।

खुराक – 3 ग्राम, भोजन से पहले या बाद में या अपने आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशानुसार दिन में एक या दो बार 2-3 महीने तक लें।

 

च्यवनप्राश – Chyawanprash Vajan Badhane ki Ayurvedic Dawa

च्यवनप्राश को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि यह लगभग सभी भारतीय घरों में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला आहार आयुर्वेदिक सप्लीमेंट है।

शक्तिशाली जड़ी-बूटियों, मसालों, मिनिरल्स और विटामिन सी से भरपूर, यह आयुर्वेदिक सप्लीमेंट अपने इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभावों और कायाकल्प और पुनरोद्धार गुणों के कारण विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम में मदद करता है।

इस मीठे-खट्टे जैम जैसे फॉर्मूलेशन में अश्वगंधा, सफेद चंदना, तुलसी, इलायची, अमलकी, नीम, पिप्पली, अर्जुन, ब्राह्मी, केसर, घृत और शाहद शामिल हैं। यह शक्तिशाली स्वास्थ्य सप्लीमेंट न केवल इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए फायदेमंद है।

बल्कि वजन बढ़ाने, पाचन में सहायता, हड्डियों की ताकत और घनत्व को बढ़ाने और मांसपेशियों को मजबूत करने में भी मदद करता है। यह त्वचा के स्वास्थ्य को बढ़ाने और महिलाओं में प्रजनन क्षमता और कामेच्छा को बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है।

खुराक – 1-2 बड़े चम्मच दिन में दो बार गर्म दूध के साथ या डॉक्टर के सुझाव के अनुसार लें।

 

वसंत कुसुमकर रस – Vasant Kusumkar Ras Vajan Badhane ki Ayurvedic Dawa

हमने अब तक ज्यादातर जड़ी-बूटियों के चूर्ण के बारे में बात की है। लेकिन अगर कोई कैप्सूल उत्पाद है जिसके लिए आप जाना चाहते हैं – वह वसंत कुसुमाकर रस है।

इसे आप किसी भी ब्रांड का ले सकते हैं, सभी ब्रांड काम करता है। लेकिन खुराक एक आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा निर्धारित की जानी चाहिए। आप अपनी त्वचा की टोन में सुधार, वजन बढ़ने, अच्छे मूड और तेज याददाश्त में भी सुधार देखेंगे।

खुराक – वसंत कुसुमकर रस की खुराक 125 से 250 मिलीग्राम तक ले सकते हैं इसे आप शकर, घी या शहद के साथ ले सकते हैं।

 

एक्युमास आयुर्वेदिक वजन बढ़ाने के कैप्सूल – Accumass Ayurvedic Weight Gain Capsules

ये आयुर्वेदिक वजन बढ़ाने वाले कैप्सूल अश्वगंधा, आमलकी, गोखरू और द्राक्ष आदि 11 जड़ी-बूटियों से बने होते हैं। यह बिना साइड इफेक्ट के वजन बढ़ाने के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा है।

खुराक – 18 साल से ऊपर के लोग 2 कैप्सूल और बच्चों के लिए (12 साल से ऊपर) 1 कैप्सूल। दिन में दो बार भोजन के बाद ले सकते हैं।

 

द्राक्षरिष्ट  – Draksharishta Vajan Badhane ki Ayurvedic Dawa

यह वजन बढ़ाने के लिए एक आयुर्वेदिक सप्लीमेंट है जो मल त्याग में सुधार करेगा और प्रतिरक्षा को बढ़ावा देता हैं। इसमें किशमिश, गुड़, दालचीनी, काली मिर्च, लंबी मिर्च, पिप्पली, विदंगा, नागकेशरा, और स्वयं उत्पन्न शराब शामिल हैं।

खुराक – भोजन के बाद इसे 12-24 मिलीग्राम दिन में लगभग 1-2 बार लें सकते हैं।

 

बी पॉलन – Bee Pollen Vajan Badhane ki Ayurvedic Dawa 

बी पॉलन एक नेचुरल आयुर्वेदिक सप्लीमेंट हैं। जोकि आपकी सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद हैं, क्योंकि इसमें 250 से भी ज्यादा एक्टिव इनग्रेडिएंट्स होते है। जैसे प्रोटीन विटामिंस, मिनरल्स, कर्ब्स, अमीनो एसिड्स आदि।

बी पॉलिन एक बहुत ही पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर का वजन तो बढ़ता ही हैं साथ ही आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनता है और आपकी बॉडी स्ट्रेंथ पॉवर को भी बढ़ता हैं।

वैसे तो आप इसे दिन में कभी भी खा सकते हो। लेकिन अगर आप इसे ब्रेकफास्ट के साथ खाते हो, तो आप इससे और भी ज्यादा बेनिफिट ले सकते है।

खुराक – इसे आधा चम्मच से स्टार्ट करें, और धीरे-धीरे आप इसे दो चम्मच तक ले जा सकते हैं।

 

वंशलोचन – Banslochan Vajan Badhane ki Ayurvedic Dawa 

वंशलोचन बंबू के पेड़ में पाया जाता है यह शरीर का वजन बढ़ता हैं। साथ ही आपकी सेक्सुअल हेल्थ को काफी इंप्रूव करता है। इसको बहुत सारी आयुर्वेदिक दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है।

वंशलोचन इस्तेमाल करने के और भी कई सारे फायदे हैं इसमें 90% सिलिका पाया जाता है। जो आपकी बोनस और लिगामेंट की स्ट्रेंथ को मजबूत बनता हैं। सबसे इंपोर्टेंट जो लोगों वजन बढ़ाना चाहते हैं तो उन लोगों के लिए यह सबसे बेस्ट है।

खुराक – इसकी एक डोस 3 से 5 ग्राम लेनी है। अगर आप उससे ज्यादा लेते हैं तो यह आपके लिए खतरा पैदा कर सकता है।

 

माका रूट पाउडर – Maca Root Powder Vajan Badhane ki Ayurvedic Dawa 

माका एक वेजिटेबल है जिसकी रूट को सुखा कर पाउडर बनाया जाता है। यह यह वजन बढ़ने के लिए एक नेचुरल आयुर्वेदिक सप्लीमेंट है। इसमें हाई क्वालिटी में विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जो आपके पुरे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

यह एक बहुत ही पॉपुलर सप्लीमेंट्स है एथलीट और बॉडी बिल्डर इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि यह बॉडी और माइंड दोनों की परफॉर्मेंस को बहेतर बनता है। अगर आप कुछ दिनों के लिए इसे अपनी डेली डाइट में ऐड करते हैं तो यह आपका वजन बढ़ने में बहुत मदद करता हैं।

खुराक – एक डोस 5 ग्राम तक है आप इसे दूध के साथ, दही के साथ या आप इसे अपने प्रोटीन शेक में मिलकर भी पि सकते है।

इसे पढ़ें – 5 Natural Herbs to Improve Sexual Health in Hindi

 

निष्कर्ष – The Conclusion

आपको किसी भी तरह की कोई अंडरलाइन डिजीज है, तो इन सभी सप्लीमेंट को लेने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।

इनमें से किसी भी सप्लीमेंट को ज्यादा लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना है। लगातार दो महीने तक इस्तेमाल करने के बाद बीच में 1 महीने का गैप जरूर लें।  उसके बाद आप दोबारा से 2 महीने के लिए शुरू कर सकते है।

 

Share

Leave a Comment