गाय घी और भैंस घी कौन सा बेहतर हैं | Cow Ghee Vs Buffalo Ghee in Hindi

गाय घी और भैंस घी में अंतर – Cow Ghee Vs Buffalo Ghee in Hindi

दोस्तों घी को हमेशा पोष्टिक बताया गया हैं। यह सहेत के लिए काफी फायदेमंद होता हैं। हमारे बुजुर्ग भी हमेशा देसी घी खाने की सलाह देते हैं। लेकिन बात आती हैं कौन सा घी खाए गाय का या भैंस का।

आज हम बात करेंगे इन दोनों में से कौन सा घी आपके लिए बेस्ट हैं। साथ ही बात करेंगे भारतीय मार्किट में मिलने वाले सबसे बेस्ट घी कौन से हैं।

दोस्तों आयुर्वेद में घी को औषदय माना गया हैं इसे गाय, और भैंस के दूध से बनाया जाता है। घी को बकरी और भेड़ के दूध से भी बनाया जा सकता है। लेकिन इनका दूध बहुत कम मिलता हैं इसी वजह से इसका घी नहीं बनता है।

 

कौन सा घी बेस्ट हैं गाय का या भैंस का – Which ghee is best cow or buffalo in Hindi

सबसे पहले बात करते हैं गाय के घी और भैंस के घी की पहचान कैसे करें। यानि कौन सा घी गाय के दूध से बना हैं और कौन सा घी भैंस के दूध से बना हैं कैसे पचाने।

देखा जाये तो गाय का दूध हलके पीले रंग का होता हैं। जबकि भैंस का दूध बिलकुल सफ़ेद होता हैं। वो इसलिए क्योंकि गाय के दूध में कैरोटीन प्रोटीन होता है। इसलिये गाय के दूध में हल्का पीलापन देखने को मिलता  है।

जबकि भैंस के दूध में कैरोटीन प्रोटीन नहीं बल्कि कैसीन प्रोटीन पाया जाता हैं। जिस कारण भैंस का दूध सफ़ेद होता हैं। 

तो जाहिर सी बात हैं गाय का दूध हल्का पिला होता हैं और अगर इससे घी बनाया जायेगा तो वह भी हलके पीले रंग का ही होगा और भैंस का दूध सफ़ेद तो उससे बना भी सफ़ेद ही होगा। तो मतलब गाय का घी हल्का पिला होता हैं और भैंस के दूध से बना घी सफ़ेद। 

वसा की मात्रा – The Fat Content

अगर बात करें फैट की कौन से घी में फैट की मात्रा ज्यादा हैं। इन दोनों घी में मौजूद फैट इन दोनों घी को एक दम से अलग कर देता हैं। वो इसलिए क्योंकि भैंस के दूध में गाय के दूध के मुकाबले अधिक फेट होता हैं।

जिस कारण भैंस के घी को खाने के बाद आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है। दूसरी ओर, गाय के दूध में फैट की मात्रा कम होने के कारण इसे पचाना आसान होता है। जब भैंस के दूध में फैट परसेंटेज की बात आती है, तो यह औसतन गाय के दूध से दो गुना अधिक होता है। इसलिए, यदि गाय के दूध में एवरेज फैट परसेंट मात्रा 3-4% है तो भैंस के दूध में लगभग 7-8% होती है।

 

पोषण में अंतर – Nutrition difference

बात करें अगर पोषण में अंतर की तो जब स्वस्थ घी के सेवन की बात आती है, तो गाय के घी के पोषण की हमेशा जीत होती है। क्योंकि गाय के घी में हाई क्वांटिटी में सैचुरेटेड फैट होता है जो लगभग 8 ग्राम प्रति सर्विंग होता है।

यह एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के साथ कैलोरी और सभी आवश्यक पोषक तत्वों में हाई होता है। साथ ही इसमें विटामिन, खनिज, प्रोटीन और विशेष रूप से कैल्शियम भरपूर मात्रा होता है।

वही भैंस के दूध में 100% फैट होता हैं इसके अलावा इसमें ज्यादा कुछ नहीं पाया जाता हैं लेकिन दोनों ही घी स्वास्थ्य विकास लाभ के लिए फायदेमंद होते हैं। गाय से प्राप्त घी में वसा कम होती है जबकि भैंस से प्राप्त घी वसा से भरपूर होता है।

 

कौन सा घी बेस्ट हैं गाय का या भैंस का – Cow ghee or Buffalo ghee which is better in Hindi

अब बात करते हैं आपके लिए कौन सा घी बेस्ट हैं बात करें गाय के घी की तो यह सभी उम्र के लोगों के लिए बेस्ट होता है। इसे बच्चे से लेकर बूढ़े तक सभी खा सकते हैं। बच्चों के लिए गाय का घी भैंस के घी से ज्यादा फायदेमंद होता है।

यह मोटापा कम करता है और आलस्य से दूर रखता है। छोटे बच्चों को गाय के घी को गर्म करके छाती पर मालिश करने से खांसी, जुकाम और कफ की समस्या से राहत मिलती है।

भैंस के घी का प्रयोग केवल उन्हीं को करना चाहिए जो अधिक फिजिकल वर्क करते हैं।

 

वजन की चिंता – Weight concerns

अगर आप वेट लोस पर हैं या फिर चाहते कि आपका वेट ना बढ़ें, तो आपके लिए गाय का घी बेस्ट है। क्योंकि गाय के घी में सीएलए होता है जो मेटाबॉलिज्म को बनाए रखता है। इससे वजन कंट्रोल में रहता है। सीएलए इंसुलिन के स्तर को कम रखता है, जिससे वजन बढ़ने और शुगर से संबंधित समस्याओं का खतरा कम होता है।

वही अगर आपको वेट गेन करना हैं। तो आपके लिए भैंस का घी बेस्ट हैं क्योंकी भैंस के घी में 100 गुड फैट होता है। जो वेट गेन करने में आपकी हेल्प करेंगा। 

 

पाचन तंत्र के लिए बेहतर – Better for the digestive system

घी आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को भी मजबूत बनता हैं। एक चम्मच गाय का घी पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। अगर इसे सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध के साथ लिया जाए तो। लेकिन भैंस का घी पाचन तंत्र के काम नहीं आता क्योंकि यह पचने में थोडा भारी होता है।

 

स्किन के लिए बेहतर – Better for skin

गाय के घी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और चेहरे की चमक बरकरार रखते हैं। यह स्किन के लिए मॉइस्चराइज का काम भी करता है।

यह स्किन को कोमल और मुलायम भी बनाता है जिससे त्वचा का रूखापन कम होता है। इसके अलावा गाय का घी कई तरह के चर्म रोगों को दूर करने में फायदेमंद होता है।

लेकिन भैंस के घी में ऐसी कोई विशेषता नहीं होती हैं।

 

औषधीय उद्देश्य – Medicinal purpose

घी आयुर्वेदिक दवाओं और उपचार का हमेशा से ही एक प्रमुख हिस्सा रहा है। वैदिक उपचार नस्य उपचार कई समस्याओं के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

बालों के झड़ने, माइग्रेन से लेकर सुनने की समस्याओं तक, सर्दी से पीड़ित होने पर नाक के खुलने व साफ करने के लिए घी का उपयोग नाक में बूंदों के रूप में कर सकते हैं। यहाँ देसी गाय का घी अपने परम चिकित्सीय गुण के कारण भैंस के घी से अधिक लाभदायक है।

 

सुरक्षित रहने का समय – Preservation time

वही अगर बात करें कौन सा घी लम्बे समय तक सुरक्षित रह सकता हैं। क्योंकि यह भी काफी महत्वपूर्ण हैं देसी गाय के घी में भैंस के घी की तुलना में फैट की मात्रा कम होती है। इसलिए कहा जाता है कि गाय के घी को अधिक समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। 

लेकिन अगर गाय के घी को बिलोना प्रक्रिया द्वारा बनाया गया हैं। तो यह थोड़े ज्यादा लम्बे समय ताज सुरक्षित रह सकता हैं।

 

घी बनाने का तरीका – How to make ghee

अब बात करते हैं घी किस तरह बनाया गया हैं। क्योंकि आप जो भी घी खा रहे हैं। उसे किस विधि द्वारा बनाया गया हैं यह सबसे इम्पोर्टेंट हैं। 

घी बनाने के कई सारे तरीके हैं। लेकिन घी बनाने का सबसे प्राचीन भारतीय तरीका हैं। बिलोना विधि इस तरह बनाया गया घी स्वास्थ्य के लिए और अधिक उत्तम बन जाता है। घी बनाने की बिलोना प्रक्रिया 100% प्राकृतिक है। 

देसी गाय भैंस के दूध को जमाकर दही बनाई जाती हैं। अब इस दही को बिलोकर इससे मक्खन निकाल लिया जाता हैं। जिसे जिसे देशी भाषा में लोनी कहते हैं। अब इस लोनी को गरम करके घी बनाया जाता हैं। इस तरह बनाया गया घी शुद्ध देशी घी हैं।

घास खाने वाली देसी A2 गायों को सूर्य से ऊर्जा प्राप्त होती है।  क्योंकि देसी गाय और भैंसों को चलाने के लिए खुले मैदान में ले जाया जाता है। जहां पर यह अपने मनपसंद की घास खाती है और एक आजादी महसूस करती हैं और जिस कारण एक का दूध अधिक पावरफुल होता है।

 

गाय घी और भैंस घी कौन सा अच्छा हैं – Cow Ghee Vs Buffalo Ghee in Hindi

देखा जाये तो दोनों ही घी स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं। लेकिन यह आप पर निर्भर करता हैं कि कौन सा घी आपके लिए बेस्ट हैं। 

आयुर्वेद की माने तो भैंस के दूध से बना घी ऐसे लोगो को खाना चाहिए जो ज्यादा अधिक महेनत वाला काम करते हैं या फिर ऐसे लोग जो अपने शरीर को पहलवानों जैसा ताकतवर बनाना चाहते हैं। 

लेकिन अगर आप एक नार्मल फिट शरीर चाहते हैं। तो देसी A2 गाय के दूध से बना घी आपके लिए बेस्ट हैं। सबसे अच्छी बात इसे हर उम्र के कहा सकते हैं और इसके अनगिनत फायदे ले सकते हैं। 

 

शुद्ध देसी घी कैसे खरीदें – How to buy pure desi ghee in Hindi

लास्ट एंड सबसे इम्पोर्टेंट भारती मार्किट में सबसे शुद्ध गाय और भैंस के घी कौन से हैं। यह जाना आपके लिए बेहद जरुरी हैं। अगर आप किसी गाव में रहते हैं। तो आपको शुद्ध देसी गाय और भैंस का घी शायद गाँव में ही मिल जाये। 

लेकिन अगर आप गाँव की वजाय किसी बड़े शहर में रहते हैं। तो आप किसी मार्किट से ही पैकिंग वाला घी खरीदोगे। तो आपको घी खरीदते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना हैं। जिससे आप एक शुद्ध देसी घी खरीद पओंगे।

पहला – उसकी इनग्रेडिएंट लिस्ट चेक करें और देखे कि उसमे किसी तरह के प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल तो नहीं किया गया हैं। 

दूसरा – देखें कि किस विधि द्वारा घी को बनाया गया हैं हमेशा बिलोना मेथड से बना घी खरीदें। 

तीसरा – उसमे देखें कि घी बनाने के लिए किस तरह के दूध का इस्तेमाल किया गया हैं। हमेशा देशी A2 गाय और भैंस के दूध से बने घी को ही खरीदें। A1 यानि विदेसी गाय और भैंस के दूध से बने घी को कभी ना खरीदें।

इसे पढ़ें – भारत का सबसे अच्छा देसी घी कौन सा है? 

 

निष्कर्ष – The Conclusion

A2 गाय के दूध के घी की रासायनिक संरचना भैंस के दूध के घी की तुलना में खपत के लिए बेहतर मानी जाती है। पसंदीदा चुनने के लिए आपको अंतर की पहचान करने की आवश्यकता है। A2 गाय का घी सुनहरे पीले रंग का होता है और घी बनाने की बिलोना प्रक्रिया इस स्वास्थ्य खजाने की सभी अच्छाइयों को पुनर्स्थापित करती है।

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